माध्य, माध्यिका और बहुलक: डेटा कौन बेहतर बताता है?

एक संख्या सूची का सार देती है, पर उसका आकार छिपा भी सकती है। ज्यादातर लोग कम रुके हों फिर भी एक लंबा इंतजार औसत बढ़ा सकता है। पहले तय करें कि क्या बताना है।

तीन सार हैं, एक चीज के तीन नाम नहीं

अंकगणितीय माध्य योग को मानों की संख्या से बांटता है। माध्यिका क्रम की बीच वाली संख्या, या सम संख्या में बीच के 2 मानों का माध्य है। बहुलक सबसे अधिक दोहराया मान है।

माध्य हर मान का परिमाण लेता है, इसलिए दूर का बड़ा मान असर करता है। माध्यिका बीच की स्थिति और बहुलक दोहराव दिखाता है। केवल «औसत» न कहें, माप का नाम दें।

संदर्भ: OpenStax — Mean, median and mode

हर मान एक ही तरह का अवलोकन हो

इकाई, समय और एक अवलोकन का अर्थ तय करें। बिना स्पष्ट रूपांतरण या उद्देश्य मिनट-घंटे अथवा सप्ताह-माह के कुल न मिलाएं।

शून्य मापा हुआ मान है; दर्ज न हुआ अवलोकन स्वतः शून्य नहीं। गलती से दोहरा रिकॉर्ड उसे अतिरिक्त भार देता है। संख्या और योग रखें ताकि परिणाम समझ आए।

भार कब जरूरी हैं?

अलग आकार के समूहों के औसत का साधारण औसत हमेशा सही नहीं। माप तुलनीय हों तो हर औसत को उसके समूह की संख्या से गुणा करें, जोड़ें और कुल संख्या से भाग दें।

भार का अर्थ हो, जैसे पाठ्यक्रम क्रेडिट, अवलोकन संख्या या खरीदी मात्रा। अपेक्षित उत्तर के पास लाने के लिए भार न चुनें।

उदाहरण: पांच इंतजार और अलग दो समूह

उदाहरण के इंतजार 4, 5, 5, 6 और 30 मिनट हैं। योग 50, माध्य 10, माध्यिका और बहुलक 5 हैं। विरोध नहीं: 30 मिनट ने माध्य ऊपर खींचा है।

दूसरे उदाहरण में 2 अवलोकनों का औसत 85 और 6 का 70 है। संयुक्त माध्य (85 ×2 +70 ×6) ÷8 =73.75 है, 85 और 70 का साधारण औसत 77.5 नहीं।

संदर्भ